धार से दिपक डोडिया
जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने एमवाय अस्पताल, इंदौर में नवजात बच्चियों की दर्दनाक मौत और चूहों द्वारा मासूम की उंगलियां काटे जाने की शर्मनाक घटना के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि –
यह घटना क्रूरता की पराकाष्ठा है और प्रदेश सरकार दोषी डीन, अधीक्षक व अधिकारियों को बचा रही है। माननीय उच्च न्यायालय ने भी स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका स्वीकार की है, जो सरकार की गैरजिम्मेदारी को उजागर करता है।
चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा
15 सितम्बर : प्रदेशभर के कलेक्टर कार्यालयों में ज्ञापन सौंपना
17 सितम्बर : प्रधानमंत्री के बदनावर कार्यक्रम का विरोध
21 सितम्बर : इंदौर एमवाय अस्पताल पर विशाल “जनआक्रोश आंदोलन” (50 से अधिक सामाजिक संगठनों की भागीदारी)
जयस ने स्पष्ट किया है कि –
दोषी अधिकारियों को निलंबित कर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज होना चाहिए।
जब तक मासूम बच्चियों को न्याय नहीं मिलता, आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा।
धार की मासूम बच्ची की लाश पर प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाना बेहद असंवेदनशील है। जयस ऐसा होने नहीं देगा।
यह सिर्फ जयस की लड़ाई नहीं, बल्कि हर इंसानियत पसंद नागरिक की लड़ाई है।
आओ, मिलकर इस “जनआक्रोश आंदोलन” को ऐतिहासिक बनाएं और मासूम बच्चियों को न्याय दिलाएं।
एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा
राष्ट्रीय अध्यक्ष, जयस



