रिंगनोद से पवन राठौर कि रिपोर्ट
अंतिम दिनों में होंगे भव्य यादगार आयोजन “
27 अगस्त से 6 सितंबर 2025 तक 10 दिवसीय गणेश महोत्सव सरदारपुर तहसील के रिंगनोद में विभिन्न गली मोहल्ले में अनेको जगह बच्चों द्वारा उत्साह पूर्वक गणेश उत्सव मनाने के साथ ही तीन स्थानों पर गणेश उत्सव प्रमुखता के साथ मनाया जा रहा है जिसमें
श्री चारभुजा नाथ मंदिर परिसर में द टाइगर ग्रुप के द्वारा संगीतमय भजनों एवं आरती के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन प्रतिदिन हो रहा है। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी यहां पर 4 सितंबर 2025 तिथि द्वादशी को भागवताचार्य पंडित पुरुषोत्तम जी भारद्वाज राजगढ़, पंडित कमलेश जी नागर नानपुर एवं पंडित विनायक शर्मा धुलेट के द्वारा भगवान को छप्पन भोग लगाकर ,बप्पा की आरती के पश्चात शाम 4:30 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
गणगौर चौक के राजा गणेश परिसर में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ ही आरती के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन हो रहा है, यहां पर भगवान बाल गणेश कि प्रतिमा स्थापित की गई है जो आकर्षण का केंद्र है।
बस स्टैंड पर सोसायटी प्रांगण में हिंदू उत्सव समिति रिंगनोद द्वारा आयोजित रिंगनोद के राजा गणेश उत्सव के दसवें वर्ष में विभिन्न धार्मिक आयोजनों का कार्यक्रम प्रतिदिन किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन 21 परिवारों द्वारा रिंगनोद के शिव भक्त भजन एवं सुंदरकांड मंडल के सदस्यों द्वारा सुमधुर संगीतमय निश्रा में रात्रि 8:30 बजे राजा गणेश के पुजारी विष्णु दत्त जोशी के सानिध्य में महा आरती का आयोजन किया जा रहा है । 27 अगस्त बुधवार को श्री गणेश स्थापना के साथ ही 3 सितंबर बुधवार को डोल ग्यारस के अवसर पर भगवान के झूलों का पूजन पुजारीयो एवं क्षेत्र के प्रसिद्ध अखाड़ों के उस्तादों का सम्मान, 4 सितंबर गुरुवार को जिसका ग्राम वासियों को बेसब्री से इंतजार होता है भारत माता की भव्य महा आरती एवं ग्राम गौरव प्रतिभा सम्मान का आयोजन , 5 सितंबर शुक्रवार को श्री गणेश अथर्वशीर्ष अभिषेक पंडित गिरिराज व्यास के द्वारा, एवं बप्पा की विदाई 6 अगस्त शनिवार को छप्पन भोग तथा 5100 लड्डूओ की महाप्रसादी के साथ “गणपति बप्पा मोरया अगले बरसो तू जल्दी आ “जयघोष के साथ बप्पा को विदाई दी जाएगी ।
इसी कड़ी में कार्यक्रम के छटवे दिन बजरंग दल अखाड़ा के उस्ताद ऊंकार लाल गेहलोत एवं दाऊ मोलवा के मार्गदर्शन में समाज की होनहार बेटियों द्वारा मलखम कलाबाजी के हैरत अंगेज करतबो से राजा गणेश पंडाल तालिया की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो उठा ।


