जिस मदिरा को रूपी अमृत समझने वाले मेरे मित्रों और देश अर्थव्यवस्था के पांचवें स्तंभ हमारे देश की अर्थव्यवस्था चलती है ।

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दिपक डोडिया 9131749608

ब्रेकिंग न्यूज़
उन अर्थव्यवस्था चलाने वाले क्रांतिकारी जननेता LP के साथ ऐसा दुर्व्यवहार 260 रुपए की मदिरा 310 रुपए में बेची जा रही है ऐसा क्यों
पूछता है बदनावर
आबकारी विभाग इस विषय को संज्ञान में क्यों नहीं ले रहा है पूछता है बदनावर
काम नियम विरुद्ध हो रहा है प्रशासन को जानकारी है प्रिंट रेट से ज्यादा रेट अभी तक लिए जा रहे हैं क्यों पूछता है बदनावर
क्या यह शासन प्रशासन और सरकार इन प्रिंटेड से ज्यादा रेट बेचने वालों की गुलाम बनी हुई है पूछता है बदनावर
या तो आपकी सहमति से यह प्रिंटेड से ज्यादा बेच रहे हैं क्योंकि आपने जरूरत से ज्यादा रेट पर ठेका देकर आपने आपकी जेब तो भर ली और अर्थव्यवस्था के पांचवें स्तंभ लाडले भाईयों के जेब में से राशि निकाली और लाडली बहनों को दे दी
आबकारी अधिकारी महोदय से फोन पर बात करने पर सही रेट पर दिया गया ऐसा क्यों पूछता है बदनावर
सही रेट लीजिए महोदय
इतने महीने होने के बावजूद भी अगर राशि ज्यादा ली जा रही है तो या तो अपने ठेका जरूर से ज्यादा रेट पर नीलाम किया होगा और गरीब शोषित और पीड़ित जनता जो दिन भर काम करने की बाद शाम को अपनी थकान के रूप में मदिरा का उपयोग करती है ।
उन गरीब जनता को लूटने का काम आप जैसे लोगों के द्वारा किया गया है सही रेट लीजिए
अन्यथा मदिरा पान करने वाली ऐशोशियन जागरूक जनता आपको चुनाव में इसका परिणाम बताएगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्टेटमेंट है।

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