अलीराजपुर से ब्यूरो पीयूष राठौड़
खारिया फलिया के आदिवासी परिवारों के लिए मसीहा बने विधायक सेना महेश पटेल और महेश पटेल, निजी खर्च से बोरिंग कराने का किया ऐलान

आलीराजपुर। उदयगढ़ जनपद क्षेत्र ग्राम पंचायत अंबी के ग्राम छारवी के खारिया फलिया में आदिवासी परिवारों के भीषण पेयजल संकट की खबर सामने आने के बाद जोबट विधायक सेना महेश पटेल एवं आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा का परिचय देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। दोनों नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि जिला प्रशासन आगामी दो दिनों में ग्रामीणों की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं करता है, तो वे स्वयं अपने निजी खर्च से बोरवेल खुदवाकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएंगे।
पंचायत अंबी के ग्राम छारवी के खारिया फलिया के लगभग 20 आदिवासी परिवार वर्षों से भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि महिलाओं को प्रतिदिन एक किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर नाले में बने लगभग 12 फीट गहरे गड्ढे से पानी निकालना पड़ता है। यही दूषित पानी पीने, भोजन बनाने और अन्य दैनिक कार्यों में उपयोग किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
जैसे ही यह जानकारी विधायक सेना महेश पटेल और महेश पटेल तक पहुंची, उन्होंने तत्काल चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि दशकों बाद भी आदिवासी परिवारों को पीने के पानी के लिए इस तरह संघर्ष करना पड़े, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
महेश पटेल ने कहा, आदिवासी भाइयों-बहनों की यह पीड़ा हमसे देखी नहीं जा रही है। यदि प्रशासन दो दिनों के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं करता है, तो हम स्वयं अपने निजी संसाधनों से बोरिंग कराकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएंगे। जनता की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हमारी
प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी परिवार को प्यासा नहीं रहने दिया जाएगा।

विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और उन्हें दूषित पानी पर निर्भर न रहना पड़े।
ग्रामीणों ने विधायक सेना महेश पटेल एवं महेश पटेल के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि वर्षों से चली आ रही उनकी समस्या पर पहली बार किसी ने गंभीरता दिखाई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही उनके गांव में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
मानवता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना से लिया गया यह संकल्प पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने दोनों जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में उन्होंने जो साथ दिया है, वह उनके लिए बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आया है।


