बगड़ी से अंकित राठौर रिपोर्ट
बगड़ी हरितालिका तीज का त्योहार मनाया जा रहा है। मान्यता है कि हरितालिका तीज व्रत को रखने से सुहाग की लंबी उम्र की कामना पूरी होती है। के मंदिर पर हरितालिका तीज पर्व के अव हरितालिका तीज पर्व के अवसर पर रात 12 बजे से ही महिलाएं और युवतियां श्री राम मंदिर मंदिर में दर्शन पूजन अर्चन के लिए जुटना शुरू हो गईं थीं। दर्शन के लिए देर रात से महिलाओं पूजा अर्चना करती रही महिलाएं खास तौर पर दर्शन पूजन के बाद कथा श्रवण करने के लिए मंदिर पहुंची थी।
महिलाओं के साथ साथ कुंवारी कन्या भी व्रत रखती
महिलाएं निराहार व निर्जल रहकर सौभाग्य की कामना करती हैं। हर साल बड़ी संख्या में महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना लिए मंदिर पहुंचती हैं और मंदिर में पूजन अर्चन कर कथा सुनती हैं। हरितालिका तीज पर महिलाओं के साथ साथ कुंवारी कन्या भी व्रत रखती है और शिव पार्वती का पूजन करती हैं मान्यता है कि इस दिन उपवास रखने और रात्रि जागरण से सौभाग्य और पुण्य-लाभ मिलता है।
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर व्रत रखने की परंपरा हरितालिका तीज का व्रत मनाया जा रहा है। इस योग में हरितालिका की पूजा पति को दीर्घायु व पुत्र पौत्र की वृद्धि को देने वाली मानी जाती है। सौभाग्येश्वर महादेव पर विशेष पूजन की परंपरा कथा के सुनने से पति की दीर्घायु एवं परिवार में सुख शांति व समृद्धि की प्राप्ति होती है। जिन कन्याओं का विवाह नहीं हुआ है उन्हें भी यह व्रत उत्तम वर की प्राप्ति के लिए करना चाहिए। पौराणिक मान्यता के अनुसार यहां पर परंपरा सदियों से चली आ रही है। व्रत को करने की परंपरा बगड़ी से अंकित राठौर रिपोर्ट


