
रिंगनोद से पवन राठौर कि रिपोर्ट
रिंगनोद के नया बाजार स्थित श्री लक्ष्मी नारायण पाटीदार जो की उच्च श्रेणी शिक्षक , उन्नत कृषक कार्य के साथ ही , बागवानी के भी शौकीन है, उनके यहां गमले में दुर्लभ प्रजाति के ब्रह्म कमल पुष्प जोकी मध्य रात्रि में खिलता है ,चर्चा का विषय बना हुआ है।
लक्ष्मी नारायण पाटीदार के सुपुत्र उमाशंकर पाटीदार जो कि मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड झाबुआ में पूर्व में AE के पद पर पदस्थ होकर अन्यत्र स्थानांतरण होने पर स्टाफ द्वारा दुर्लभ प्रजाति के ब्रह्म कमल पुष्प को भेंट किया था जिसे गमले में स्थापित करने पर कुछ ही वर्षों में श्रावण मास में प्रथम बार पुष्प विकसित होने पर मनकामेश्वर महादेव मंदिर भगवान भोलेनाथ को अर्पित किया गया, तथा दोबारा पुष्प विकसित होने पर 21 अगस्त गुरुवार को श्री राम बड़ा मंदिर में भगवान श्री कृष्ण को अर्पण किया गया।
ब्रह्म कमल पुष्प अनेक विशेषता लिए हुए है ,इस पुष्प का पौराणिक, आध्यात्मिक एवं अन्य महत्व से परिपूर्ण होकर यह पुष्प एक दुर्लभ प्रजाति का पुष्प है।
ब्रह्म कमल जिसे”ब्रह्मा का कमल” भी कहा जाता है एक पवित्र फूल है जो हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखता है, इसमें भगवान ब्रह्मा का रूप माना जाता है और यह भगवान शिव की पूजा में भी इस्तेमाल होता है। मान्यता है कि यह फूल मानसिक स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि और सकारात्मकता लाता है और इसे घर में लगाने से सुख- शांति एवं समृद्धि बनी रहती है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने ब्रह्म कमल से जल छिड़क कर भगवान गणेश को पुनर्जीवित किया था।
ब्रह्म कमल को पवित्रता, ज्ञान और आध्यात्मिक प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है ।
ब्रह्म कमल एक अद्वितीय और पवित्र फूल है जो न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि इसका औषधिय और वास्तु महत्व भी है। यह फूल घर में सुख समृद्धि शांति और सकारात्मक लाने के लिए जाना जाता है


